⚡ NavPrakriti ने पूर्वी भारत में शुरू किया लिथियम-आयन बैटरी रीसायक्लिंग प्लांट
कोलकाता से -NavPrakriti Green Energies Pvt. Ltd. ने हाल ही में पूर्वी भारत में अपना नया लिथियम-आयन बैटरी रीसायक्लिंग प्लांट चालू कर दिया है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की बैटरी सप्लाई-चेन को मजबूत करने का भी संकेत देती है।
🌿 यह कदम क्यों मायने रखता है?
जैसे-जैसे देश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ऊर्जा स्टोरेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग और उनका उत्त्पादन होने वाला वेस्ट भी बढ़ेगा।
NavPrakriti का उद्देश्य इन पुरानी बैटरियों से कीमती धातुएँ (जैसे लिथियम, कोबाल्ट, निकल) निकालकर उन्हें पुनः उपयोग लायक बनाना है, जिससे खनन पर निर्भरता घटे और पर्यावरण सुरक्षित रहे।
🧪 प्लांट कैसे काम करेगा - संक्षेप में प्रक्रिया
1. 🔋 कलेक्शन और सॉर्टिंग: प्रयोग की हुई बैटरियों को इकट्ठा कर प्रकार के अनुसार छाँटा जाएगा।
2. ⚙️ सुरक्षित डिसचार्ज और डिमैंटलिंग: बैटरियों की बची बिजली निकालकर उन्हें सुरक्षित तरीके से खोलना।
3. 🌀 श्रेडिंग और ब्लैक-मास निर्माण: बैटरियों को क्रश कर ब्लैक-मास बनाते हैं जिसमें उपयोगी धातुएँ होती हैं।
4. 💧 हाइड्रोमेटलर्जिकल प्रोसेसिंग: रसायनों के माध्यम से धातुओं को अलग कर शुद्ध किया जाता है।
5. 🔁 पुनः उपयोग: प्राप्त धातुओं का उपयोग नई बैटरियों या अन्य औद्योगिक प्रयोजनों में किया जा सकता है।
🌍 फायदे - छोटा सारांश
• ♻️ पर्यावरण की रक्षा: लैंडफिल और जल-मिट्टी प्रदूषण घटेगा।
• 💰 संसाधन-बचत: नई धातुओं पर निर्भरता घटेगी और लागत में सुधार संभव होगा।
• 🇮🇳 आत्मनिर्भरता: देश के भीतर बैटरी-मटेरियल्स की उपलब्धता बढ़ेगी।
⚠️ पर चुनौतियाँ भी हैं
NavPrakriti जैसे प्लांट के सफल संचालन के लिए कुछ महत्वपूर्ण चुनौतीपूर्ण बिंदु हैं -
• पुरानी बैटरियों का व्यापक और कुशल कलेक्शन-नेटवर्क बनाना आवश्यक है।
• रीसायक्लिंग टैक्नोलॉजी में बराबर निवेश और सुरक्षा मानक बनाए रखना होगा।
• सरकारी नीतियाँ और नियमों (जैसे Battery Waste Management) का प्रभावी पालन जरूरी है।
🚀 निष्कर्ष
NavPrakriti का नया प्लांट भारत की ग्रीन-एनर्जी कहानी में एक सकारात्मक मोड़ है। यह पहल दिखाती है कि तकनीक और सस्टेनेबिलिटी साथ चलकर किस तरह देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाती है।
स्रोत:
NavPrakriti - आधिकारिक वेबसाइट
पसंद आया तो शेयर करें:
अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो तो साझा कीजिए और कमेंट में बताइए कि आप किस टेक्नोलॉजी विषय पर अगला आर्टिकल देखना चाहेंगे।


Thank You for comment