भारत सरकार की नई AI नीति: अब हर AI कंटेंट पर साफ लेबल अनिवार्य

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भारत की नई AI गवर्नेंस नीतियाँ - आसान और साफ भाषा में पूरा अपडेट

AI बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है, और साथ में बढ़ रही है Deepfake और AI-generated कंटेंट की मिसयूज़ की घटनाएँ। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने नए नियमों का मसौदा तैयार किया है, जिनमें साफ कहा गया है कि AI से बना हुआ कंटेंट अब स्पष्ट लेबल के साथ दिखाना जरूरी होगा।


AI कंटेंट पर अब साफ लेबल जरूरी

अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो AI से बनाया गया है, तो उस पर ऐसा लेबल चाहिए जो दर्शकों को तुरंत बता सके कि यह कंटेंट असली नहीं बल्कि AI-generated है। इसमें watermark, visible tag या टेक्स्ट लेबल शामिल हो सकता है।


यह नियम क्यों लाए जा रहे हैं?

Deepfake और AI-generated मीडिया कई बार लोगों को भ्रमित कर सकती है। गलत जानकारी फैल सकती है, किसी की पहचान का गलत उपयोग हो सकता है या सोशल मीडिया पर फेक कंटेंट के कारण गलतफहमियाँ बढ़ सकती हैं। इन सबको रोकने के लिए सरकार चाहती है कि यूज़र को कंटेंट की “सच्चाई” पता रहे।


क्रिएटर्स के लिए क्या जरूरी होगा?

अगर आप कंटेंट बनाते हैं, तो आपको कुछ सरल बातों का ध्यान रखना होगा:

  • AI टूल से कुछ बनाया है? - इसे बताना जरूरी होगा।
  • कंटेंट में छोटा लेकिन स्पष्ट लेबल जोड़ें।
  • अगर किसी असली व्यक्ति का चेहरा या आवाज़ इस्तेमाल किया है, तो अनुमति लेना जरूरी है।
  • अपलोड करते समय प्लेटफ़ॉर्म पर सही जानकारी देना महत्वपूर्ण होगा।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स की नई जिम्मेदारियाँ

Instagram, YouTube, Facebook, X और बाकी सभी प्लेटफ़ॉर्म्स को अब:

  • AI-generated कंटेंट पर लेबल दिखाने की सुविधा जोड़नी होगी।
  • यूज़र से AI कंटेंट की घोषणा (declaration) लेनी होगी।
  • गलत जानकारी वाले कंटेंट को जल्दी पहचानने और हटाने की प्रक्रिया मजबूत करनी होगी।
  • कंटेंट में मौजूद metadata के आधार पर यह पहचानने की क्षमता रखनी होगी कि वह AI से बना है या नहीं।

क्या यह नियम क्रिएटर्स और प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए मुश्किल होंगे?

नहीं, ये नियम मुश्किल नहीं बल्कि सरल और जरूरी हैं। इनका उद्देश्य किसी की स्वतंत्रता को रोकना नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाना है। जब दर्शकों को पता रहता है कि वे क्या देख रहे हैं, तो भरोसा भी बढ़ता है।


क्रिएटर्स के लिए छोटी सी चेकलिस्ट

  • AI का इस्तेमाल किया है? → लेबल लगा दें।
  • वीडियो/फोटो में छोटा visible watermark जोड़ें।
  • किसी का चेहरा/आवाज़ उपयोग किया? → अनुमति ज़रूरी है।
  • प्लेटफ़ॉर्म पर सही जानकारी दें - गलत घोषणा से बचें।

निष्कर्ष

नई AI गवर्नेंस नीतियाँ सोशल मीडिया, क्रिएटर्स और आम यूज़र्स - सभी के लिए फायदेमंद हैं। इनसे ऑनलाइन कंटेंट ज़्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा। अगर आप बस AI कंटेंट को सही तरह से लेबल कर देते हैं, तो आपके लिए ये नियम मानना बिल्कुल आसान है।


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